Switch to English
राज्यों

यौन दुर्व्यवहार मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुसरण करते हुए दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा: जामिया प्रशासन

नई दिल्ली| मीडिया के एक वर्ग में ऐसी रिपोर्टिंग की जा रही है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने कल एमएमएजे मार्ग पर गेट नंबर 15 के बाहर अर्ध सैनिक बलों को तैनात करवा दिया है। विश्वविश्द्यालय स्पष्ट करना चाहता है कि सुरक्षा बलों की तैनाती में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सुरक्षा बल तैनात करने का अधिकार क्षेत्र केवल दिल्ली पुलिस का है। हमने दिल्ली पुलिस से सिर्फ यह आग्रह किया था कि वह एहतियाती क़दम के तौर पर गेट नंबर 15 के बाहर सुरक्षा प्रदान कराए, जिससे किसी अनहोनी को रोका जा सके। पुलिस ने एहतियात के रूप में केवल अतिरिक्त बल तैनात किए हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया एक मामले में छात्रों के विरोध का समाधान करने के लिए पहले ही सारे संभावित क़ानूनी क़दम उठा चुका है। लेकिन कुछ बाहरी तत्वों द्वारा समर्थित छात्रों ने वीसी, रजिस्ट्रार और अन्य कार्यालयों के प्रवेश द्वार को बंद या बाधित कर दिया है। ऐसा विरोध कर रहे छात्रों ने कल भी किया और आज भी। छात्र वीसी कार्यालय के सामने गिटार, ढपली आदि लेकर बैठे हैं, जिससे वीसी आफिस एवं प्रशासनिक कार्यालय के सामान्य काम काज में बाधा आ रही है।

विश्वविद्यालय, महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं के साथ यौन दुर्व्यवहार को रोकने संबंधी उच्चतम न्यायालय के 02 मई 2016 के निर्देशों का पहले से ही अनुसरण कर रहा है जो उसने विशाखा केस में दिए थे। इस बारे में जामिया यूजीसी के दिशा निर्देशों का भी पालन कर रहा है।

जैसा कि पहले स्पष्ट किया जा चुका है आईसीसी ने अप्लाइड आर्टस की छात्राओं की शिकायत पर कार्रवाही शुरू कर दी है और इसके लिए विभिन्न विभागों के छह डीन को लेकर एक फैक्ट फाइन्डिंग कमेटी भी गठित की है, जिसमें तीन महिलाएं हैं। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए  हफीज़ अहमद को अवकाश पर भेज दिया गया है। जांच में अध्यापक या छात्रों को  दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

विश्वविद्यालय एक बार फिर दोहराना चाहता है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए विरोध कर रहे छात्रों के साथ कई दौर की बातचीत की जा चुकी है। वही जामिया प्रशासन ने सभी मीडिया से आग्रह किया की वह एकतरफा खबर ना करे उन्हें सभी पक्षों की बात सुननी चाहिए. वही जामिया प्रशासन एक बार फिर से अपने छात्रों से अपील करता है कि वे अपनी कक्षाओं में जाएं और बाहरी तत्वों के उकसावे में नहीं आएं।

Donation Appeal

द क्रिटिकल मिरर से जुडने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद. ये आपकी और हमारी आवाज है. इस आवाज़ को बुलंद रखने के लिए हमारी मदद करे:

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top